सिंहस्थ के अलावा महाकाल में सबसे ज़्यादा भीड़ दो मौकों पर होती है: महाशिवरात्रि और पवित्र सावन मास। दोनों आध्यात्मिक रूप से सबसे ख़ास हैं, और दोनों में तैयारी ज़रूरी है।
महाशिवरात्रि 2027
महाशिवरात्रि शनिवार, 6 मार्च 2027 को है। उज्जैन में उत्सव कई दिन पहले शिव नवरात्रि से शुरू होता है, जब हर दिन बाबा महाकाल का अलग रूप में श्रृंगार होता है। महाशिवरात्रि पर मंदिर में बहुत लंबे समय तक, अक्सर पूरी रात, दर्शन खुले रहते हैं।
- कई घंटों की लाइन की उम्मीद रखें। भोर से पहले या देर रात लाइन छोटी रहती है।
- इन दिनों की भस्म आरती बुकिंग खुलते ही भर जाती है — ठीक 30 दिन पहले बुक करें।
- मंदिर के पास के होटल हफ़्तों पहले भर जाते हैं।
सावन और महाकाल की सवारी
सावन जुलाई–अगस्त में आता है। सावन और भादौ के हर सोमवार बाबा महाकाल पालकी में नगर भ्रमण पर निकलते हैं — यही सवारी है — पुराने शहर से होकर शिप्रा तट तक और वापस, बैंड, झाँकियों और भारी भीड़ के साथ। अंत में भव्य शाही सवारी निकलती है। 2026 में सवारी 3 अगस्त से शुरू होकर 7 सितंबर की शाही सवारी तक चली; 2027 की तारीख़ें मंदिर समिति पहले घोषित करती है।
- सवारी सड़क के बजाय किसी बालकनी या दुकान के सामने से देखें।
- सावन के सोमवार को साल की सबसे ज़्यादा भीड़ होती है — हो सके तो मंगल से गुरुवार के बीच जाएँ।
- बारिश का मौसम है: छाता रखें, घाट फिसलन भरे होते हैं।
भीड़ में दर्शन के सुझाव
- निःशुल्क क्लॉकरूम का उपयोग करें, साथ में सिर्फ़ पहचान पत्र और थोड़ा नकद।
- बच्चों का हाथ पकड़े रहें और उनकी जेब में आपके फ़ोन नंबर का कार्ड रखें।
- वरिष्ठ नागरिक प्रवेश पर सहायता वाली लाइन के बारे में पूछें।